CRIME

विकासनगर गोलीकांड: मोबाइल फोन और सुसाइड नोट से खुल सकते हैं कई अहम राज, हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस

विकासनगर, उत्तराखंड

उत्तराखंड के विकासनगर क्षेत्र के कल्याणपुर में हुए सनसनीखेज गोलीकांड की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंचती नजर आ रही है। इस मामले में पुलिस ने मृतक कमलेश चौहान और गंभीर रूप से घायल संगीता नेगी के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। जांच अधिकारियों का मानना है कि दोनों के मोबाइल फोन में मौजूद कॉल रिकॉर्ड, चैट, मैसेज, सोशल मीडिया गतिविधियां और अन्य डिजिटल जानकारी इस मामले की गुत्थी सुलझाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। फिलहाल पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है और किसी भी संभावना को खारिज नहीं कर रही है।

बुधवार को हुई इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था। घटना में कमलेश चौहान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि संगीता नेगी के सिर में गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और उन्हें लगातार निगरानी में रखा गया है। संगीता के बयान दर्ज होने के बाद ही घटना के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर और अधिक स्पष्टता आने की संभावना जताई जा रही है।

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर संगीता नेगी के परिजनों, मकान मालिक तथा आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की है। अधिकारियों ने घटना से पहले दोनों की गतिविधियों, उनके आपसी संबंधों और घटना के समय मौजूद परिस्थितियों की जानकारी जुटाई है। पुलिस का प्रयास है कि घटनाक्रम की पूरी श्रृंखला को क्रमवार समझा जाए ताकि किसी भी तथ्य को नजरअंदाज न किया जाए।

प्रारंभिक जांच में घटनास्थल से एक कथित सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। शुरुआती तथ्यों के आधार पर पुलिस को आशंका है कि मामला एकतरफा प्रेम प्रसंग से जुड़ा हो सकता है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार कमलेश चौहान ने पहले संगीता नेगी पर गोली चलाई और उसके बाद स्वयं को गोली मार ली। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह केवल शुरुआती जांच के आधार पर बनी संभावना है और अंतिम निष्कर्ष सभी साक्ष्यों की जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

जांच को वैज्ञानिक आधार देने के लिए बरामद सुसाइड नोट को हैंडराइटिंग विशेषज्ञ के पास भेजा गया है। विशेषज्ञ यह जांच करेंगे कि नोट वास्तव में कमलेश चौहान की लिखावट में है या नहीं। इसके अलावा फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से हथियार, कारतूस, खून के नमूने और अन्य महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य भी एकत्र किए हैं। इन सभी साक्ष्यों की वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट पुलिस की आगे की कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

पुलिस अब दोनों के मोबाइल फोन की तकनीकी जांच भी कर रही है। इसमें कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), व्हाट्सएप और अन्य मैसेजिंग ऐप की बातचीत, सोशल मीडिया गतिविधियां, ईमेल, फोटो, वीडियो और लोकेशन हिस्ट्री सहित अन्य डिजिटल रिकॉर्ड का विश्लेषण किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि घटना से पहले दोनों के बीच हुई बातचीत, मुलाकातों और संपर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मोबाइल डेटा से मिल सकती है, जिससे घटना के पीछे की वास्तविक वजह सामने आने में मदद मिलेगी।

विकासनगर कोतवाली के प्रभारी राजीव रौथाण ने बताया कि पुलिस पूरी गंभीरता और निष्पक्षता के साथ मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, फोरेंसिक रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध प्रमाणों का समग्र विश्लेषण करने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने तक किसी भी तरह के अनुमान या अफवाहों पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए।

फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि डिजिटल और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर ही इस सनसनीखेज गोलीकांड की पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी। वहीं पूरे घटनाक्रम पर स्थानीय लोगों की भी नजर बनी हुई है और सभी को पुलिस की अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार है।

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