क्वांटास ने बनाया नया विश्व रिकॉर्ड, 24 घंटे से अधिक की नॉन-स्टॉप टेस्ट फ्लाइट ने बदला विमानन का इतिहास

मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख एयरलाइन क्वांटास (Qantas) ने विमानन जगत में एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए दुनिया की सबसे लंबी कमर्शियल टेस्ट फ्लाइट सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। एयरलाइन के विशेष रूप से संशोधित एयरबस A350 विमान ने मेलबर्न से फ्रांस के टूलूज तक बिना किसी ठहराव के 24 घंटे से अधिक समय तक लगातार उड़ान भरकर इतिहास रच दिया। यह उपलब्धि क्वांटास के महत्वाकांक्षी ‘प्रोजेक्ट सनराइज’ का अहम पड़ाव मानी जा रही है, जिसका उद्देश्य आने वाले वर्षों में दुनिया की सबसे लंबी नॉन-स्टॉप यात्री उड़ानें शुरू करना है।
एयरबस और फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार विमान ने 27 जुलाई को स्थानीय समयानुसार शाम 5:27 बजे मेलबर्न से उड़ान भरी। करीब 24 घंटे 24 मिनट तक लगातार आसमान में रहने के बाद यह 28 जुलाई की सुबह फ्रांस के टूलूज स्थित एयरबस मुख्यालय में सुरक्षित उतरा। इस दौरान विमान ने हजारों किलोमीटर की दूरी तय की और कई देशों के हवाई क्षेत्र से होकर अपनी यात्रा पूरी की।
क्वांटास की यह उड़ान सामान्य व्यावसायिक सेवा नहीं थी, बल्कि एक विशेष परीक्षण मिशन था। इस दौरान विमान के प्रदर्शन, ईंधन की खपत, इंजन की क्षमता, चालक दल की कार्यक्षमता और लंबी दूरी की यात्रा के दौरान यात्रियों की सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं का परीक्षण किया गया।
एयरलाइन का लक्ष्य वर्ष 2027 से ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी तट से लंदन और न्यूयॉर्क जैसे प्रमुख शहरों के लिए सीधी नॉन-स्टॉप उड़ानें शुरू करना है। वर्तमान में इन मार्गों पर यात्रियों को बीच में ट्रांजिट लेना पड़ता है, जिससे यात्रा का समय बढ़ जाता है। नई सेवा शुरू होने के बाद यात्रियों को समय की बचत के साथ अधिक आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा।
‘प्रोजेक्ट सनराइज’ के लिए एयरबस A350 विमानों में अतिरिक्त ईंधन क्षमता, आधुनिक केबिन डिजाइन, बेहतर एयर क्वालिटी सिस्टम और लंबी दूरी की उड़ानों के अनुरूप आरामदायक सीटों जैसी कई सुविधाएं जोड़ी गई हैं। चालक दल के आराम और कार्यक्षमता के लिए भी विशेष विश्राम क्षेत्र तैयार किए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि केवल एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि वैश्विक विमानन उद्योग के भविष्य की दिशा तय करने वाला कदम है। यदि परियोजना तय समय पर सफल होती है तो दुनिया भर में लंबी दूरी की हवाई यात्रा का स्वरूप बदल सकता है और यात्रियों को पहले से कहीं अधिक तेज तथा सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा।




