मंजानाथी में केवल गीत ही नहीं, इलाईयाराजा भी हैं अनिवार्य, कहते हैं मारी सेल्वराज

निर्देशक मारी सेल्वराज ने हाल ही में मनजानाथी फिल्म को लेकर अपनी खास बातें साझा कीं। उन्होंने बताया कि ‘जब भी मनजानाथी नाम मेरे दिमाग में आता था, तो मैं इसे एक फिल्म में तब्दील करने का सोचता था। उसी समय मैंने यह तय कर लिया था कि संगीत के लिए उनसे बेहतर इलाईयाराजा से कोई और नहीं हो सकता।’ निर्देशक ने आगे बताया कि ‘जब मैंने इलाईयाराजा से मुलाकात की और कहानी सुनाई, तो उन्होंने इस प्रोजेक्ट को स्वीकार कर संगीत रचना करने के लिए हां कर दी।’
मारी सेल्वराज ने कहा कि इलाईयाराजा की संगीत भाषा उनकी फिल्मों के लिए एक अलग ही पहचान है। उनके संगीत से फिल्म को एक गहराई और आत्मीयता मिलती है, जो दर्शकों को कहानी से जोड़ती है। वे मानते हैं कि मनजानाथी जैसी फिल्म जो अलग विषयवस्तु पर आधारित है, उसमें संगीतकार की भूमिका बेहद अहम होती है और इलाईयाराजा ने इसे पूरी तरह से निभाया है।
फिल्म मनजानाथी का विषय और कहानी सामाजिक और सांस्कृतिक पहलुओं को छूती है। यह फिल्म अपने अभिनय और पटकथा के साथ-साथ संगीत के लिए भी चर्चा में है। मारी सेल्वराज ने बताया कि संगीतकार और निर्देशक के रूप में उनकी साझेदारी ने फिल्म की जगह दर्शकों के दिलों में खास बना दी है।
फिल्म के संगीत को लेकर दर्शकों की उत्सुकता भी काफी बढ़ गई है। इलाईयाराजा के गीतों और बैकग्राउंड स्कोर ने फिल्म के भावों को और अधिक प्रगाढ़ कर दिया है। इससे यह साबित होता है कि संगीत सिर्फ एक सहायक भूमिका नहीं बल्कि फिल्म की आत्मा के समान होता है।
मारी सेल्वराज के अनुसार, यह सहयोग एक कलाकार से दूसरे कलाकार का सम्मान और समझ को दर्शाता है, जो फिल्म निर्माण की प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण होती है। मनजानाथी की सफलता में इलाईयाराजा का योगदान अतुलनीय है और निर्देशक इस बात पर गर्व महसूस करते हैं।




