CRIME

ट्विशा शर्मा मौत: एम्स ने दूसरा पोस्टमॉर्टम कराने चार सदस्यीय मेडिकल बोर्ड बनाया, टीम विशेष विमान से भोपाल रवाना

मध्य प्रदेश के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा दहेज हत्या मामले में नया मोड़ आया है जब दिल्ली एम्स ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश पर ट्विशा शर्मा के शव का दूसरा पोस्टमार्टम कराने के लिए चार वरिष्ठ चिकित्सकों की एक मेडिकल बोर्ड टीम गठित की है। यह टीम आज शाम विशेष विमान से भोपाल के लिए रवाना हो गई है।

एम्स के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद एम्स निदेशक ने मेडिकल बोर्ड बनाने की मंजूरी दी। मध्य प्रदेश सरकार की ओर से रविवार सुबह एम्स को दूसरा पोस्टमार्टम कराने का अनुरोध मिला था। इसके बाद एम्स में इस टीम का गठन किया गया।

डॉ. गुप्ता के अनुसार, मेडिकल बोर्ड में चार वरिष्ठ फोरेंसिक विशेषज्ञ शामिल हैं जो नवीनतम उपकरणों का उपयोग करते हुए 33 वर्षीय अभिनेत्री एवं मॉडल ट्विशा शर्मा का दूसरा पोस्टमार्टम करेंगे। वर्तमान में उनका शव एम्स भोपाल के मुर्दाघर में रखा गया है।

इस बीच भोपाल की एक अदालत ने ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह को सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। समर्थ सिंह को शुक्रवार को जबलपुर से गिरफ्तार किया गया था और शनिवार को पहली श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से रिमांड मिल गया। समर्थ सिंह के वकील ने उसका पासपोर्ट भी अदालत में जमा कराया है।

सूत्रों के अनुसार, समर्थ सिंह को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत याचिका वापस लेने के बाद आत्मसमर्पण के लिए जबलपुर जिला अदालत परिसर से हिरासत में लिया गया। वह तब तक फरार था जब तक कि परिसर में उपस्थित होकर पुलिस गिरफ्त में नहीं आया।

विधिक पेशे से समर्थ सिंह की गिरफ्तारी के बाद मामले में जांच ने नई गति पकड़ी है। 12 मई को ट्विशा शर्मा की मौत के बाद समर्थ सिंह और उसकी मां के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। परिवार ने आरोप लगाया है कि उन्हें दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया और आत्महत्या के लिए उकसाया गया, जबकि ससुराल पक्ष ने ट्विशा की नशे की आदतों का दावा किया है।

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने एम्स दिल्ली को दूसरी बार पोस्टमार्टम की अनुमति देकर जांच को और मजबूत किया है। वहीं, पीड़िता के पति ने अपनी अग्रिम जमानत याचिका वापस ले ली है, जबकि पीड़िता के परिवार ने सीबीआई जांच की मांग करते हुए सरकार और कोर्ट का आभार जताया है।

हाईकोर्ट ने ट्विशा के परिवार की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला लिया कि पहले पोस्टमार्टम में मिली विसंगतियों के कारण पुनः पोस्टमार्टम आवश्यक है। परिवार ने दावा किया था कि पहले पोस्टमार्टम में प्रक्रियागत लापरवाही हुई जिससे निष्पक्ष जांच नहीं हो सकी।

इस मामले के चचेरे भाई आशीष शर्मा ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि बिना किसी देरी के सभी जरूरी कार्रवाई पूरी की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार न्याय की लगातार मांग कर रहा है और उम्मीद है कि जल्द ही पूरी प्रक्रिया पूरी होगी ताकि अंतिम संस्कार किया जा सके।

ट्विशा के चाचा लोकेश शर्मा का कहना है कि प्रभावशाली आरोपी को सजा मिलने के बाद ही आम जनता का कानून और सरकार पर भरोसा मजबूत होगा, इसलिए मामले की निष्पक्ष एवं शीघ्र जांच आवश्यक है। यह मामला मध्य प्रदेश में महिला सुरक्षा और दहेज प्रथा के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है।

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