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भारत के सबसे पुराने टेस्ट क्रिकेटर सीडी गोपीनाथ का 96 वर्ष की उम्र में निधन

नई दिल्ली। भारत के क्रिकेट इतिहास में एक सुनहरा अध्याय दर्ज करने वाले सीडी गोपीनाथ का निधन हो गया है। वे 96 वर्ष के थे और भारतीय टेस्ट क्रिकेट के सबसे पुराने जीवित सदस्य थे। गोपीनाथ ने 1952 में चेन्नई में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की पहली टेस्ट जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वे उस टीम के आखिरी बचे सदस्य थे।

गोपीनाथ का जन्म 1920 के दशक में हुआ था और उन्होंने भारतीय क्रिकेट को एक नई पहचान दिलाई। उनका क्रिकेट करियर उस दौर में भारतीय क्रिकेट के संघर्षपूर्ण समय के दौरान शुरू हुआ था, जब देश की टीम विश्व स्तरीय टीमों के साथ प्रतिस्पर्धा कर रही थी। उनकी बल्लेबाजी और टीम की कप्तानी ने भारतीय क्रिकेट को एक नई दिशा दी।

1952 में चेन्नई में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए उस ऐतिहासिक टेस्ट मैच में भारत ने पहली बार विदेशी धरती पर टेस्ट मैच जीता था। इस मैच में गोपीनाथ ने अपनी बुद्धिमत्ता और कौशल से टीम का मनोबल बढ़ाया। उनकी स्थिरता और खेल की समझ ने टीम को जीत की ओर अग्रसर किया। इस मैच को भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक सनसनीखेज जीत माना जाता है।

गोपीनाथ का योगदान केवल मैदान तक सीमित नहीं था। मैच के बाद वे क्रिकेट के प्रचार-प्रसार में भी सक्रिय रहे। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया और भारतीय क्रिकेट के विकास में अपना अमूल्य योगदान दिया। उनकी सूझबूझ और अनुभव आज भी क्रिकेटप्रेमियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

उनके निधन से भारतीय क्रिकेट परिवार में एक बड़ी क्षति हुई है। कई क्रिकेट दिग्गजों ने उन्हें याद करते हुए उनके योगदान को सलाम किया है। उनकी विदाई से भारतीय खेल जगत को एक अनुभवी खिलाड़ी और महान आत्मा से वंचित होना पड़ा है।

सीडी गोपीनाथ की क्रिकेट यात्रा और उनका जीवन देश के लिए नमूना हैं। वे सदैव भारतीय क्रिकेट के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में याद रखे जाएंगे। उनके निधन पर पूरे देश ने श्रद्धांजलि अर्पित की है और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

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