सुप्रीम कोर्ट ने NEET पुन:परीक्षा कंप्यूटर आधारित मोड में कराने की याचिका अस्वीकार की

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने 21 जून को होने वाली NEET पुन:परीक्षा के लिए कंप्यूटर आधारित मोड में बदलाव की याचिका को अस्वीकार कर दिया है। शीर्ष न्यायालय ने इस मामले पर अंतिम निर्णय स्थगित करते हुए कहा है कि यह matter पहले कोर्ट के आंशिक कार्यदिवसों के पूरा होने के बाद जुलाई में पुन: विचाराधीन होगा।
यह फैसला तब आया है जब कुछ अभ्यर्थियों और शैक्षिक संस्थाों ने पुन:परीक्षा के आयोजन में बदलाव की मांग की थी। उनके अनुसार, परीक्षा का कंप्यूटर आधारित होना छात्रों के लिए अधिक सुविधाजनक व पारदर्शी होगा। बावजूद इसके, सुप्रीम कोर्ट ने इस पर अभी कोई बदलाव करने से इंकार किया है और मामले की अगली सुनवाई जुलाई में करने का निर्देश दिया है।
अदालत के इस रुख से स्पष्ट होता है कि वे पूरी प्रक्रिया तथा सभी पक्षों की दलीलों को गंभीरतापूर्वक सुनकर ही कोई अंतिम फैसला लेना चाहते हैं। न्यायालय ने यह भी उल्लेख किया कि आंशिक कार्यदिवसों के दौरान इस विषय पर उचित विचार-विमर्श करना संभव नहीं होगा। इसलिए उन्होंने इसे टाल दिया है।
NEET, जो कि राष्ट्रीय स्तर पर चिकित्सा प्रवेश परीक्षा है, की पुन:परीक्षा की घोषणा कुछ विवादों के कारण हुई थी। इससे पहले अभ्यर्थियों ने परीक्षा में तकनीकी खामियों तथा अन्य कारणों से आपत्ति जताई थी। इसके बाद शिक्षण संस्थाओं व छात्रों के हित में पुन:परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया।
हालांकि, परीक्षा के सटीक प्रारूप एवं माध्यम पर अभी तक सुप्रीम कोर्ट की सहमति नहीं बनी है। कमरों में कंप्यूटर आधारित परीक्षा कराने के पक्ष में ही नहीं, बल्कि परंपरागत लिखित परीक्षा के पक्ष में भी तर्क प्रस्तुत किए गए हैं। अदालत यह सुनिश्चित करना चाहती है कि अंतिम निर्णय सभी पक्षों की भलाई को ध्यान में रखकर ही हो।
अब अभ्यर्थी इस समय तक परीक्षा की तैयारी पर ध्यान केंद्रित करेंगे और अदालत की अगली सुनवाई का इंतजार करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट का यह कदम न्यायिक प्रक्रिया की सावधानी को दर्शाता है और इससे परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और पारदर्शिता बनी रहेगी।




