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टेंडुलकर: सूर्यवंशी वास्तव में ‘खास’ हैं

मुंबई: भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने 15 साल के युवा क्रिकेटर सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि सूर्यवंशी में कुछ खास और प्राकृतिक प्रतिभा है, जिसे किसी भी कीमत पर बाधित नहीं किया जाना चाहिए। तेंदुलकर ने स्पष्ट किया कि युवा खिलाड़ी के स्वाभाविक इंस्टिंक्ट्स के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए, जिससे उसकी असली प्रतिभा सामने आ सके।

इस मौके पर तेंदुलकर ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा, “जब कोई एथलीट युवा उम्र में ही अपने हुनर का परिचय देता है, तो उसे सफलता की ओर बढ़ने के सभी अवसर मिलने चाहिए। सूर्यवंशी ने अपनी काबिलियत से यह साबित कर दिया है कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य उज्जवल है। मैंने उनसे कहा है कि अपनी प्राकृतिक प्रवृत्ति को हमेशा बरकरार रखें।”

सचिन तेंदुलकर ने कहा कि आज के समय में युवा खिलाड़ियों को कई तरह के दबावों का सामना करना पड़ता है, लेकिन ऐसे में भी उनका आत्मविश्वास और खेल की समझ उन्हें चमकदार बना देती है। उन्होंने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि किसी भी युवा क्रिकेटर को कृत्रिम तरीके से बदला नहीं जाना चाहिए, क्योंकि इससे उनकी प्राकृतिक खेल भावना कमजोर पड़ सकती है।

सूर्यवंशी, जो मात्र 15 वर्ष के हैं, ने अपने अनूठे खेल कौशल से क्रिकेट जगत में खासी वाहवाही बटोरी है। उनकी बल्लेबाजी में वह सहजता और आत्मविश्वास साफ झलकता है, जो दर्शकों एवं विशेषज्ञों दोनों को प्रभावित करता है। उनके खेल को देखकर यह माना जा रहा है कि वह भारत की क्रिकेट टीम के लिए आने वाले वर्षों में एक मजबूत स्तंभ साबित होंगे।

भारतीय क्रिकेट में युवाओं को मौका देने की प्रक्रिया नहीं रुकनी चाहिए, ऐसे में तेंदुलकर जैसे दिग्गज खिलाड़ियों का यह समर्थन काफी महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी क्रिकेट प्रेमियों और प्रशिक्षकों से अपील की है कि वे युवा खिलाड़ियों को सही दिशा और संबल प्रदान करें जिससे वे अपनी पूरी क्षमता के साथ खेल सकें।

अंततः, सचिन तेंदुलकर ने सूर्यवंशी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वह अपनी मेहनत और समर्पण के बल पर सारा विश्व क्रिकेट प्रेमी के दिल में जगह बनाने में सफल होंगे। युवा खिलाड़ियों के लिए यह संदेश एक प्रेरणा है कि वे अपनी प्राकृतिक प्रतिभा को बढ़ावा दें और खुद पर भरोसा रखें।

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