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दिल्ली में बदलेगी शराब नीति, महिलाओं की सुरक्षा, डिजिटल निगरानी और अवैध कारोबार पर सख्ती की तैयारी

नई दिल्ली, दिल्ली

दिल्ली सरकार नई आबकारी (शराब) नीति को अंतिम रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। सरकार का लक्ष्य ऐसी पारदर्शी और जवाबदेह नीति लागू करना है, जिससे शराब से मिलने वाले राजस्व में वृद्धि हो, अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके और विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा तथा सार्वजनिक व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके। इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति लागू करने के बाद अब सरकार का अगला प्रमुख फोकस नई आबकारी नीति पर है।

सरकार की ओर से गठित विशेषज्ञ समिति अपनी रिपोर्ट सौंप चुकी है। इस रिपोर्ट के आधार पर विभिन्न हितधारकों, उद्योग प्रतिनिधियों और आम नागरिकों से सुझाव लिए जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि सभी सुझावों पर विचार करने के बाद नई नीति को अंतिम रूप दिया जाएगा, ताकि यह व्यवहारिक, पारदर्शी और प्रभावी साबित हो सके।

नई आबकारी नीति में तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली को विशेष महत्व दिया जाएगा। शराब की बिक्री, परिवहन, स्टॉक प्रबंधन और वितरण प्रक्रिया की डिजिटल मॉनिटरिंग से राजस्व चोरी रोकने और अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने की योजना है। सरकार का मानना है कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से पूरी व्यवस्था अधिक पारदर्शी होगी और नियमों का बेहतर तरीके से पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।

महिलाओं की सुरक्षा को नई नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जा रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत शराब दुकानों के आसपास सुरक्षा मानकों को और सख्त किया जा सकता है। दुकानों के बाहर अनावश्यक भीड़, सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन और असामाजिक गतिविधियों को रोकने के लिए नए दिशा-निर्देश लागू किए जाने की संभावना है। इसका उद्देश्य महिलाओं और अन्य राहगीरों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करना है।

इसके अलावा सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी नए प्रावधान जोड़े जा सकते हैं। सरकार का मानना है कि आबकारी नीति केवल राजस्व संग्रह का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और नागरिक हितों से भी जुड़ा विषय है। इसलिए नई नीति में सुरक्षा, पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी को समान महत्व दिया जाएगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि नई आबकारी नीति में डिजिटल तकनीक, मजबूत प्रवर्तन और स्पष्ट नियमों का प्रभावी समावेश किया जाता है, तो इससे अवैध कारोबार पर रोक लगाने, सरकारी राजस्व बढ़ाने और नागरिकों के लिए अधिक सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। फिलहाल सरकार हितधारकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर नीति को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में जुटी हुई है।

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