नागपुर में गैंगवार में युवक की हत्या, फर्जी सोशल मीडिया पोस्ट पर केस; नासिक-पालघर-हिंगोली में भूकंप के झटके

नागपुर में गैंगवार में युवक की हत्या, फर्जी सोशल मीडिया पोस्ट पर एफआईआर; तीन जिलों में महसूस हुए भूकंप के झटके
मुंबई, महाराष्ट्र
महाराष्ट्र में शनिवार को अपराध, सोशल मीडिया और प्राकृतिक गतिविधियों से जुड़ी कई अहम घटनाएं सामने आईं। नागपुर में पुरानी रंजिश के चलते हुए गैंगवार में एक 18 वर्षीय युवक की हत्या कर दी गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। वहीं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) मुख्यालय को लेकर सोशल मीडिया पर कथित फर्जी पोस्ट साझा करने वाले एक एक्स (पूर्व में ट्विटर) यूजर के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। इसके अलावा नासिक, पालघर और हिंगोली जिलों में हल्के भूकंप के झटके महसूस किए गए, हालांकि कहीं से भी किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली।
नागपुर के मानेवाड़ा घाट इलाके में शनिवार सुबह कथित गैंगवार की घटना हुई। पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान सिद्धेश्वरी झुग्गी क्षेत्र निवासी 18 वर्षीय पवन सूर्यवंशी के रूप में हुई है। बताया गया कि कुछ लोगों ने पवन और उसके साथियों को पुराना विवाद सुलझाने के बहाने बुलाया था। मुलाकात के दौरान अचानक 8 से 10 लोगों ने उन पर पत्थरों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया।
इस हमले में पवन सूर्यवंशी की मौत हो गई, जबकि अमन काले, अजय सोलंकी और दिनेश सोलंकी घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल अमन काले का सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में घटना के पीछे पुरानी रंजिश सामने आई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें छापेमारी कर रही हैं। पिछले दो महीनों में नागपुर में यह चौथी गैंगवार की घटना बताई जा रही है, जिससे शहर में कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है।
इसी बीच नागपुर पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक कथित फर्जी पोस्ट के मामले में भी कार्रवाई की है। पुलिस के मुताबिक @VeezPunit नाम के एक्स हैंडल से दावा किया गया था कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर हजारों छात्रों ने नागपुर स्थित आरएसएस मुख्यालय का घेराव किया है। जांच में यह दावा पूरी तरह भ्रामक पाया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऐसा कोई प्रदर्शन नहीं हुआ था और पोस्ट में संगठन के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां भी की गई थीं। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की झूठी जानकारी से लोगों में भ्रम और तनाव फैल सकता है। इसलिए संबंधित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि पोस्ट का उद्देश्य क्या था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
उधर, महाराष्ट्र के नासिक, पालघर और हिंगोली जिलों में शनिवार को हल्के भूकंप के झटके महसूस किए गए। अधिकारियों के अनुसार, नासिक जिले के सुरगाना तालुका में 3.6 तीव्रता तक के चार झटके दर्ज किए गए। वहीं पालघर जिले के दहानू क्षेत्र में 3.1 तीव्रता और हिंगोली जिले के कलमनुरी क्षेत्र में भी 3.1 तीव्रता का भूकंप रिकॉर्ड किया गया। आपदा प्रबंधन विभाग ने स्पष्ट किया कि सभी झटके कम तीव्रता के थे और किसी भी इलाके से जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
इस बीच शिवसेना नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री संजय शिरसाट ने छत्रपति संभाजीनगर में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके के माता-पिता से मुलाकात की। मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि वह विरोध प्रदर्शन समाप्त होने के बाद परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने बताया कि अभिजीत दिपके के माता-पिता अपने बेटे को मिली पहचान और समर्थन से भावुक हैं। शिरसाट ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया है।
एक ही दिन में सामने आई इन घटनाओं ने महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था, सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं और प्राकृतिक गतिविधियों को लेकर प्रशासन की सतर्कता को फिर से चर्चा में ला दिया है। सभी मामलों में संबंधित एजेंसियां जांच और निगरानी की प्रक्रिया में जुटी हुई हैं।




