हिमाचल में वन विकास निगम कर्मचारियों को सुक्खू सरकार का बड़ा तोहफा, 3% महंगाई भत्ता, बोनस और बढ़ी दिहाड़ी को मंजूरी

शिमला, हिमाचल प्रदेश।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने वन विकास निगम लिमिटेड के कर्मचारियों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए उन्हें बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित निदेशक मंडल (बीओडी) की बैठक में कर्मचारियों के लिए 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) बढ़ाने, बोनस देने, दैनिक मजदूरी में वृद्धि करने तथा पात्र कर्मचारियों की सेवाएं नियमित करने के प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई। सरकार के इस फैसले से निगम के नियमित, दैनिक वेतनभोगी और अनुबंध कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा।
बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुरूप वन विकास निगम के कर्मचारियों को 1 अप्रैल 2025 से 3 प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ता दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि बढ़ती महंगाई के बीच यह निर्णय कर्मचारियों को आर्थिक राहत प्रदान करेगा और उनके जीवन-यापन के खर्च में कुछ हद तक सहायक होगा।
इसके अलावा वन विकास निगम में कार्यरत ऐसे 175 कर्मचारियों, जिनका मासिक वेतन 21 हजार रुपये तक है, उन्हें बोनस देने की भी स्वीकृति दी गई है। बोनस का लाभ मिलने से कर्मचारियों के उत्साह और मनोबल में वृद्धि होने की उम्मीद जताई जा रही है। कर्मचारियों के लिए यह फैसला लंबे समय से की जा रही मांगों में से एक माना जा रहा है।
दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के हित में भी सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उनकी दैनिक मजदूरी 425 रुपये से बढ़ाकर 450 रुपये कर दी गई है। यानी अब प्रत्येक कार्य दिवस पर उन्हें पहले की तुलना में 25 रुपये अधिक मजदूरी मिलेगी। इस बढ़ोतरी से उन कर्मचारियों को राहत मिलेगी जो लंबे समय से दैनिक आधार पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
निदेशक मंडल ने ऐसे दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की सेवाएं नियमित करने को भी मंजूरी दी है, जिन्होंने पिछले चार वर्षों में प्रत्येक वर्ष 240 कार्य दिवस पूरे किए हैं। साथ ही पात्र अनुबंध कर्मचारियों को भी नियमानुसार नियमित किए जाने का रास्ता साफ हो गया है। इससे लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा और अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है।
सरकार के इन फैसलों का वन विकास निगम के कर्मचारियों ने स्वागत किया है। कर्मचारियों का कहना है कि महंगाई भत्ता, बोनस, बढ़ी हुई दिहाड़ी और नियमितीकरण जैसे निर्णय उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के साथ-साथ भविष्य को लेकर विश्वास भी बढ़ाएंगे। राज्य सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों के हितों की रक्षा और उनके कल्याण के लिए ऐसे कदम आगे भी प्राथमिकता के आधार पर उठाए जाते रहेंगे।




