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8.5 लाख पटाखों की गूंज से घुटी वॉशिंगटन की सांसें, स्वतंत्रता दिवस के जश्न के बाद कुछ समय के लिए बना दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर

वॉशिंगटन डीसी, अमेरिका

अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का भव्य आतिशबाजी कार्यक्रम पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिहाज से चिंता का कारण बन गया। 4 जुलाई को आयोजित लगभग 40 मिनट लंबे आतिशबाजी शो के बाद अमेरिकी राजधानी वॉशिंगटन डीसी कुछ समय के लिए दुनिया के सबसे प्रदूषित बड़े शहरों में शामिल हो गई। अंतरराष्ट्रीय एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म IQAir के अनुसार, आतिशबाजी के तुरंत बाद शहर की वायु गुणवत्ता बेहद खराब स्तर पर पहुंच गई। हालांकि समय बीतने के साथ प्रदूषण का स्तर धीरे-धीरे कम हुआ और रविवार शाम तक शहर की स्थिति में सुधार दर्ज किया गया।

आयोजकों के अनुसार इस भव्य कार्यक्रम के दौरान लगभग 8.5 लाख पटाखे छोड़े गए। आतिशबाजी नेशनल मॉल, पोटोमैक नदी में तैनात नौकाओं और वेस्ट पोटोमैक पार्क सहित 10 अलग-अलग स्थानों से की गई। इस आयोजन को दुनिया के सबसे बड़े आतिशबाजी शो में शामिल कराने और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड को चुनौती देने की तैयारी के रूप में देखा जा रहा था, हालांकि समाचार लिखे जाने तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।

वायु गुणवत्ता में अचानक आई गिरावट को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने “कोड रेड एयर क्वालिटी अलर्ट” जारी किया। अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और श्वसन संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की गई। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि अत्यधिक गर्मी और पटाखों से निकलने वाले धुएं का संयुक्त प्रभाव शरीर पर गंभीर असर डाल सकता है। कुछ अधिकारियों ने स्थिति की गंभीरता को बताते हुए इसे “सिगरेट पीते हुए मैराथन दौड़ने जैसी परिस्थितियां” बताया।

स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को चिकित्सकीय सहायता भी उपलब्ध करानी पड़ी। डीसी फायर एंड ईएमएस विभाग के अनुसार 96 लोगों का उपचार किया गया, जिनमें से 40 मरीजों को अस्पताल भेजा गया। जॉर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल ने 289 मरीजों से संपर्क होने की जानकारी दी, जबकि अमेरिकी स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग ने 314 मरीजों को चिकित्सा सहायता मिलने की पुष्टि की। हालांकि संबंधित एजेंसियों ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इनमें से कितने मामले सीधे तौर पर खराब वायु गुणवत्ता या भीषण गर्मी से जुड़े थे।

पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े पैमाने पर होने वाली आतिशबाजी से हवा में सूक्ष्म प्रदूषक कण, धात्विक तत्व और धुआं तेजी से फैलता है, जिससे कुछ समय के लिए एयर क्वालिटी इंडेक्स खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है। उनका मानना है कि भविष्य में ऐसे बड़े आयोजनों के दौरान पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के लिए वैकल्पिक और अधिक टिकाऊ तकनीकों पर भी विचार किया जाना चाहिए।

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