A man from England created a fake Tinder profile using his ex-girlfriend’s name after rejection, luring men with false claims of ‘rape fantasy’

लंदन। एक युवक ने अपनी पूर्व प्रेमिका के नाम से एक नकली टिंडर प्रोफाइल बनाकर पुरुषों को फंसाने का मामला सामने आया है। युवक ने यह कदम तब उठाया जब उसे अपनी प्रेमिका से रिजेक्शन मिला। उसने फर्जी प्रोफाइल में ‘‘बलात्कार फैंटेसी’’ जैसी झूठी कड़वी बातें लिखीं और कई पुरुषों को भड़काया।
यह मामला इंग्लैंड का है, जहां एक युवक ने अपनी पूर्व प्रेमिका के जरिए बदला लेने की नीयत से खुद को सोशल मीडिया पर सक्रिय किया। उसने टिंडर एप पर एक प्रोफाइल बनाया, जिसमें उसने महिलाओं की बजाए पुरुषों को संदेश भेजने के लिए भड़काऊ शब्दों का प्रयोग किया। युवकों ने जब इनके संदेश पढ़े तो वे हैरान रह गए। इस प्रोफाइल में बलात्कार जैसी संवेदनशील बातों को मजाक या आकर्षण के तौर पर पेश किया गया।
पुलिस ने इस मामले की जानकारी देते हुए कहा कि ऐसे गलत और झूठे दावा करने वाले प्रोफाइल्स को देखकर सोशल मीडिया यूजर्स सतर्क रहें। किसी भी प्रकार के ऑनलाइन फ्रॉड या मानसिक उत्पीड़न की सूचना तुरंत संबंधित प्राधिकारी को दें। पुलिस इस घटना की गंभीरता से जांच कर रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सामाजिक रिश्तों में विवाद को ऑनलाइन माध्यम से सुलझाना या बदला लेना गंभीर परिणाम दे सकता है। इससे न केवल व्यक्तिगत जीवन बल्कि अन्य लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है। लोगों को चाहिए कि वे सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी सुरक्षित रखें और अज्ञात या संदिग्ध प्रोफाइल से संपर्क न करें।
इस घटना से एक बार फिर यह स्पष्ट होता है कि टेक्नोलॉजी का दुरुपयोग किस तरह से सामाजिक और कानूनी चुनौतियां खड़ी कर सकता है। साथ ही यह भी आवश्यक हो जाता है कि यूजर्स अपनी पर्सनल लाइफ को सोशल मीडिया की भीड़ से ठीक तरह अलग रखें। अधिकारियों का सुझाव है कि रिश्तों के जटिल मसलों को निजी तौर पर और सम्मानजनक ढंग से सुलझाएं, न की ऑनलाइन मंचों पर विवाद बढ़ाएं।
यह मामला न केवल राजनैतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा का विषय बना है, बल्कि सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिहाज से भी कई आलोचनाओं को जन्म दे रहा है। विशेषज्ञ इस घटना से सबक लेकर ऑनलाइन सुरक्षा नियमों को और कड़ा करने की मांग कर रहे हैं।
सारांश में, पूर्व प्रेमिका के नाम पर नकली टिंडर प्रोफाइल बनाकर ‘‘बलात्कार फैंटेसी’’ जैसी फरेबी बातें फैलाने वाला युवक न केवल क़ानून की नजर में दोषी माना जाएगा, बल्कि उसकी इस हरकत से प्रभावित लोग भी सतर्क हो गए हैं। यह घटना सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग और ऑनलाइन सुरक्षा की अनिवार्यता को और स्पष्ट करती है।




