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FBI का ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’: लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर सबसे बड़ी कार्रवाई, 50 से अधिक ठिकानों पर छापे

वॉशिंगटन डी.सी., अमेरिका।
अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (FBI) ने लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े बताए जा रहे अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ शुरू किया है। इस संयुक्त अभियान के तहत अमेरिका, कनाडा और यूरोप के कई देशों में 50 से अधिक स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई में करीब 24 लोगों को गिरफ्तार या हिरासत में लिया गया है तथा कई अन्य के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं।

एफबीआई के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में विभिन्न देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने भी सहयोग किया। जांच एजेंसियों ने कैलिफोर्निया, विशेषकर लॉस एंजेलिस और अन्य क्षेत्रों में एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में हेरोइन, कोकीन, कई आग्नेयास्त्र और हजारों डॉलर की नकदी जब्त की गई। बरामद सामग्री की जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क की गतिविधियों और वित्तीय लेन-देन का पता लगाया जा सके।

अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, यह अभियान करीब दो वर्षों तक चली जांच के बाद शुरू किया गया। जांच के आधार पर तीन अलग-अलग संघीय आरोपपत्र दाखिल किए गए हैं, जिनमें कुल 37 लोगों पर संगठित अपराध, रंगदारी, लक्षित हमले, अपहरण, हथियारों की तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य गंभीर अपराधों के आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि इस नेटवर्क की गतिविधियां उत्तर अमेरिका, यूरोप और अन्य क्षेत्रों तक फैली हुई थीं।

अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई का उद्देश्य कथित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क की वित्तीय और परिचालन क्षमता को कमजोर करना है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि नेटवर्क किन माध्यमों से धन का लेन-देन करता था और विभिन्न देशों में उसका संचालन किस प्रकार किया जाता था।

एफबीआई ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और आगे भी अतिरिक्त गिरफ्तारियां या नए आरोप सामने आ सकते हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि मामले से जुड़े सभी आरोपों की जांच न्यायिक प्रक्रिया के तहत की जाएगी। अदालत में दोष सिद्ध होने तक सभी आरोपित कानूनन निर्दोष माने जाएंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और सीमा-पार आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ सहयोग बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले दिनों में जांच आगे बढ़ने के साथ इस पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों की भूमिका पर और जानकारी सामने आने की संभावना है।

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