जापान की संसद ने बदला शाही परिवार कानून, पुरुष उत्तराधिकारियों को ही मिलेगा सम्राट बनने का अधिकार

टोक्यो, जापान
जापान की संसद ने शुक्रवार को शाही परिवार से जुड़े कानून में अहम संशोधन को मंजूरी दे दी। इस बदलाव के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि देश में केवल पुरुष उत्तराधिकारी ही सम्राट बन सकेंगे। संसद के इस फैसले को जापान की पारंपरिक राजशाही व्यवस्था को बनाए रखने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है, हालांकि इससे शाही परिवार के भविष्य को लेकर नई बहस भी शुरू हो गई है।
संशोधित कानून के तहत उत्तराधिकार की व्यवस्था पुरुष वंश तक ही सीमित रहेगी। इसके अलावा सरकार ने भविष्य में उत्तराधिकार की संभावित कमी को ध्यान में रखते हुए दूर के पुरुष रिश्तेदारों को शाही परिवार में गोद लेने की व्यवस्था को भी मंजूरी दी है। वहीं, जिन राजकुमारियों का विवाह आम नागरिकों से होगा, उन्हें अब अपना शाही दर्जा बनाए रखने की अनुमति देने का भी प्रावधान किया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जापान का शाही परिवार पिछले कई वर्षों से लगातार छोटा होता जा रहा है। विवाह के बाद कई महिला सदस्य शाही परिवार से बाहर हो जाती हैं, जबकि पुरुष उत्तराधिकारियों की संख्या बेहद कम रह गई है। ऐसे में भविष्य में उत्तराधिकार को लेकर गंभीर चुनौती उत्पन्न होने की आशंका जताई जा रही थी।
हालांकि, देश में कई बार यह मांग उठी कि महिलाओं को भी सम्राट बनने का अधिकार दिया जाए। इस विषय पर राजनीतिक स्तर पर चर्चा भी हुई, लेकिन संसद ने मौजूदा परंपरा को जारी रखने का फैसला किया। सरकार का मानना है कि यह कदम जापान की ऐतिहासिक राजशाही व्यवस्था को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, नया कानून शाही परिवार की निरंतरता सुनिश्चित करने का प्रयास है, लेकिन भविष्य में यदि योग्य पुरुष उत्तराधिकारियों की संख्या और घटती है तो सरकार को फिर से उत्तराधिकार नियमों पर विचार करना पड़ सकता है। फिलहाल संसद के इस फैसले ने देश और दुनिया में शाही परिवार की व्यवस्था को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।




