PoK में लगातार बढ़ रहा तनाव, प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी का आरोप; 56 लोगों के मारे जाने या लापता होने का दावा

मुजफ्फराबाद, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK)।
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में पिछले कई सप्ताह से जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। स्थानीय संगठनों और आंदोलन से जुड़े नेताओं का दावा है कि नौ जून से चल रहे प्रदर्शनों के दौरान पाकिस्तानी सुरक्षाबलों की कार्रवाई में अब तक 56 प्रदर्शनकारी मारे गए हैं या लापता हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारी राजनीतिक अधिकारों और स्थानीय मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सुरक्षाबलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया और कई स्थानों पर गोलीबारी की गई। इसके बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक कड़ी कर दी गई।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, प्रशासन ने कई इलाकों में भोजन, दवाओं और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर प्रतिबंध लगाए हैं। साथ ही मीडिया संस्थानों की गतिविधियों और इंटरनेट सेवाओं को भी प्रभावित किया गया है। संचार व्यवस्था बाधित होने के कारण घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि करना कठिन हो गया है।
प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रही ‘ज्वॉइंट अवामी एक्शन कमेटी’ पर एक महीने पहले प्रतिबंध लगाया गया था, लेकिन इसके बावजूद आंदोलन जारी है। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में विधानसभा की 12 शरणार्थी सीटों को समाप्त करना और स्थानीय जनता को अधिक राजनीतिक प्रतिनिधित्व देना शामिल है।
रावलाकोट सहित कई क्षेत्रों में महिलाएं, बुजुर्ग, युवा और बच्चे लगातार धरने पर बैठे हैं। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वे आगामी विधानसभा चुनावों का बहिष्कार करेंगे। कुछ नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और मानवाधिकार संगठनों से हस्तक्षेप की भी मांग की है।
पाकिस्तान सरकार की ओर से अब तक इन आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। वहीं स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने भी अभी तक हताहतों की संख्या की पुष्टि नहीं की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र में राजनीतिक संवाद शुरू नहीं हुआ और तनाव कम करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और जटिल हो सकती है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।




