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तमिलनाडु में कस्टोडियल डेथ पर सियासत तेज, DMK ने मुख्यमंत्री विजय से पूछा- ‘अब चुप क्यों?’

चेन्नई, तमिलनाडु

तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले में एक दिव्यांग व्यक्ति की कथित कस्टोडियल डेथ को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। इस मामले में पुलिस ने एक वार्डन समेत तीन जेल कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है, वहीं विपक्षी दल द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने मुख्यमंत्री विजय पर निशाना साधते हुए उनसे घटना पर सार्वजनिक रूप से जवाब देने की मांग की है। यह मामला अब कानून-व्यवस्था के साथ-साथ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का भी केंद्र बन गया है।

जानकारी के अनुसार, 35 वर्षीय दिव्यांग व्यक्ति को 9 जुलाई को कथित तौर पर गुटखा बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसे कन्याकुमारी जिले की एक सब-जेल में रखा गया, जहां सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि जेल के भीतर उसके साथ मारपीट की गई, जिसके कारण उसकी जान गई। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके शरीर पर 19 चोटों के निशान मिलने की बात सामने आई है। इसके बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए एक वार्डन सहित तीन जेल कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया।

इस घटना के बाद DMK ने मुख्यमंत्री विजय को उनके पुराने बयानों की याद दिलाई। पार्टी नेताओं का कहना है कि जब राज्य में DMK की सरकार थी और कस्टोडियल डेथ के मामले सामने आए थे, तब विजय ने सरकार से जवाब मांगा था और कहा था कि “हमें माफी नहीं, न्याय चाहिए।” अब वही सवाल उनकी सरकार के सामने है।

DMK नेता और राज्य सरकार में मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने मुख्यमंत्री विजय से इस मामले पर स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि गृह विभाग मुख्यमंत्री के पास है, इसलिए इस घटना की जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता। वहीं DMK नेता परांथामेन ने भी विजय पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य की जनता को “रील्स नहीं, न्याय” चाहिए।

दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जाएगी। गिरफ्तार किए गए जेल कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल यह मामला तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गया है। एक ओर मृतक के परिवार ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, वहीं विपक्ष सरकार पर जवाबदेही तय करने का दबाव बना रहा है। अब सभी की नजर जांच के नतीजों और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी है।

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