थाईलैंड में तीन भारतीयों का अपहरण, ₹70 लाख की फिरौती की मांग; पुलिस ने पांच भारतीय आरोपियों को पकड़ा

पटाया (थाईलैंड): थाईलैंड के पर्यटन शहर पटाया में तीन भारतीय युवकों के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सस्ते टूर पैकेज का लालच देकर थाईलैंड बुलाए गए इन युवकों को एक सप्ताह से अधिक समय तक बंधक बनाकर रखा गया और उनकी रिहाई के बदले करीब ₹70 लाख की फिरौती मांगी गई। थाई पुलिस ने सफल अभियान चलाकर तीनों युवकों को सुरक्षित मुक्त कराया और इस मामले में पांच भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, पीड़ित युवकों की पहचान मोहित, आशीष और हिमांशु के रूप में हुई है। तीनों की उम्र 20 से 23 वर्ष के बीच बताई गई है। आरोपियों ने उन्हें पटाया के बैंग लामंग जिले में स्थित एक दो मंजिला मकान में कैद कर रखा था। इस दौरान उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया तथा उनके परिवारों को फोन कर फिरौती की रकम भेजने के लिए धमकाया गया।
जांच में सामने आया है कि पीड़ितों को बेहद कम कीमत में विदेश यात्रा कराने का झांसा दिया गया था। थाईलैंड पहुंचने के बाद उन्हें अगवा कर लिया गया और लगातार निगरानी में रखा गया। अपहरणकर्ताओं ने उनके मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर परिवारों से संपर्क कराया और रकम नहीं मिलने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
सूचना मिलने के बाद थाई पुलिस ने बैंग लामंग क्षेत्र में छापेमारी कर तीनों भारतीयों को सुरक्षित छुड़ा लिया। मौके से पांच भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया गया, जबकि इस गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह में कुछ अन्य विदेशी नागरिकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस का मानना है कि यह एक संगठित आपराधिक नेटवर्क हो सकता है, जो सस्ते टूर पैकेज और आकर्षक ऑफर के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाता है। इसके बाद उन्हें बंधक बनाकर उनके परिजनों से मोटी फिरौती वसूलने की कोशिश की जाती है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि इस गिरोह ने पहले भी इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दिया है या नहीं।
घटना के बाद भारतीय दूतावास को पूरे मामले की जानकारी दे दी गई है और पीड़ितों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। अधिकारियों ने विदेश यात्रा की योजना बना रहे लोगों से अपील की है कि वे किसी भी टूर पैकेज की बुकिंग से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच अवश्य करें और केवल अधिकृत ट्रैवल एजेंसियों का ही चयन करें। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया या अनजान एजेंटों के आकर्षक ऑफर कई बार धोखाधड़ी और संगठित अपराध का हिस्सा हो सकते हैं, इसलिए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।




