Fed Meeting 2026: फेड के फैसले से पहले सोने-चांदी में बढ़ी बेचैनी, एक्सपर्ट ने बताए खरीदारी के सही संकेत और टारगेट

नई दिल्ली, दिल्ली
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (Fed) की 29 जुलाई 2026 को होने वाली अहम मौद्रिक नीति बैठक से पहले वैश्विक सर्राफा बाजार में असमंजस का माहौल बना हुआ है। सोने और चांदी में निवेश करने वाले निवेशकों के साथ-साथ ट्रेडर्स की नजरें अब पूरी तरह फेड के फैसले पर टिकी हैं। महंगाई, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनावों के बीच यह बैठक कीमती धातुओं की आगे की चाल तय कर सकती है।
कमोडिटी एक्सपर्ट और RMoney की रिसर्च मैनेजर मोमिता सामंता का कहना है कि फिलहाल बाजार में अनिश्चितता अधिक है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचना चाहिए। उनके अनुसार, फेड के फैसले के बाद बाजार की दिशा स्पष्ट होने पर निवेश करना अधिक सुरक्षित रहेगा।
फेड बैठक का असर क्यों रहता है बड़ा?
फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति का सीधा असर अमेरिकी डॉलर, बॉन्ड यील्ड और वैश्विक कमोडिटी बाजार पर पड़ता है। जब ब्याज दरें बढ़ती हैं तो आमतौर पर सोने और चांदी पर दबाव बढ़ जाता है, जबकि दरों में राहत मिलने से कीमती धातुओं को समर्थन मिलता है। यही कारण है कि हर फेड बैठक से पहले बाजार में अस्थिरता बढ़ जाती है।
मोमिता सामंता के अनुसार, पिछली बैठकों में फेड की सख्त नीति के संकेतों के बाद सोने की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई थी। इस बार भी निवेशक पहले से अपनी पोजीशन हल्की कर रहे हैं ताकि अचानक आने वाली वोलैटिलिटी से बचा जा सके।
दो संभावित स्थितियां
यदि फेड ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करता है, तो बाजार में पहले से बनी उम्मीदों के कारण सोने और चांदी में हल्की तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि शुरुआती मुनाफावसूली से कीमतों पर दबाव भी बन सकता है।
अगर फेड 25 बेसिस प्वाइंट की दर वृद्धि करता है तो सोने और चांदी में बड़ी गिरावट की आशंका है। ऐसे में COMEX पर सोना 3,980 डॉलर और चांदी 55 डॉलर प्रति औंस तक फिसल सकती है।
निवेशकों के लिए रणनीति
विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे निवेशकों को फेड के फैसले से पहले नई खरीदारी नहीं करनी चाहिए। निर्णय आने के बाद 24 से 48 घंटे तक बाजार का रुख देखने के बाद ही नई पोजीशन बनाना बेहतर होगा।
MCX और COMEX के अहम स्तर
MCX पर सोने के लिए ₹1,40,500 मजबूत सपोर्ट है, जबकि ₹1,45,500 के ऊपर टिकने पर ₹1,50,000 तक तेजी संभव है। चांदी के लिए ₹2,19,000 प्रमुख सपोर्ट माना जा रहा है और ₹2,37,000 के ऊपर मजबूती मिलने पर तेजी का नया दौर शुरू हो सकता है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि फेड का फैसला आने के बाद ही सोने और चांदी की वास्तविक दिशा साफ होगी। ऐसे में धैर्य के साथ निवेश करना फिलहाल सबसे बेहतर रणनीति मानी जा रही है।




