प्रेमिका से शादी, आखिरी वसीयत और फिर मौत… बर्लिन के बंकर में हिटलर के अंतिम 48 घंटे

नई दिल्ली: द्वितीय विश्व युद्ध के अंतिम दिनों में जब सोवियत सेना जर्मनी की राजधानी बर्लिन तक पहुंच चुकी थी, तब नाजी जर्मनी का तानाशाह एडोल्फ हिटलर अपने भूमिगत बंकर में जिंदगी के आखिरी फैसले ले रहा था। ब्रिटिश खुफिया दस्तावेजों और चश्मदीदों के बयानों के अनुसार, हिटलर ने अपनी मौत से कुछ घंटे पहले प्रेमिका ईवा ब्रौन से शादी की, अपनी राजनीतिक और व्यक्तिगत वसीयत तैयार कराई और अंततः आत्महत्या कर ली।
इतिहासकार ह्यू ट्रेवर-रोपर द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों के अनुसार, अप्रैल 1945 के अंतिम सप्ताह में बर्लिन पूरी तरह युद्ध की आग में घिर चुका था। हिटलर को स्पष्ट हो गया था कि जर्मनी की हार तय है और अब बच निकलना संभव नहीं है। इसी दौरान उसने अपनी लंबे समय की साथी ईवा ब्रौन से बंकर में सादगी से विवाह किया।
शादी के बाद बंकर में मौजूद करीबी सहयोगियों के साथ एक छोटी-सी बैठक हुई, लेकिन वहां जश्न नहीं बल्कि मायूसी का माहौल था। हिटलर ने अपने साथियों से कहा कि वह किसी भी कीमत पर दुश्मनों के हाथ जीवित नहीं पड़ेगा।
30 अप्रैल 1945 की दोपहर हिटलर और ईवा अपने निजी कमरे में चले गए। कुछ देर बाद गोली चलने की आवाज सुनाई दी। बताया जाता है कि हिटलर ने खुद को गोली मार ली, जबकि ईवा ब्रौन ने ज़हर खाकर जान दे दी।
इसके बाद दोनों के शवों को बंकर के बाहर ले जाकर पेट्रोल डालकर जला दिया गया ताकि वे दुश्मनों के हाथ न लग सकें। हालांकि बाद में सोवियत सैनिकों ने अवशेष बरामद किए और वर्षों तक उन्हें गुप्त रखा।
ब्रिटिश जांच रिपोर्टों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों ने यह स्पष्ट किया कि हिटलर की मौत बर्लिन के बंकर में ही हुई थी। इसके बावजूद कई वर्षों तक उसके जीवित होने की अफवाहें दुनिया भर में फैलती रहीं, जिन्हें बाद के ऐतिहासिक दस्तावेजों ने पूरी तरह खारिज कर दिया।




