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Amma controversy: Ansiba Hassan moves court to register FIR against actress Lakshmi Priya and female cop

अम्मा विवाद में नई मोड़: अन्सीबा हसन ने कोर्ट में FIR दर्ज कराने की मांग की

कोच्चि। अम्मा (अखिल भारतीय फिल्म कर्मचारी संघ) की पूर्व संयुक्त सचिव अन्सीबा हसन ने विवादों को नया रूप दे दिया है। अन्सीबा ने हाल ही में अदालत में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने अम्मा की उपाध्यक्ष और मशहूर अभिनेत्री लक्ष्मीप्रिया के खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराने का आरोप लगाया है। इसके अलावा, थ्रिपुनिथुरा महिला पुलिस थाने की सब-इंस्पेक्टर रश्मा पर भी उनकी शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिनपर उन्होंने अपने साथ मानहानि, उत्पीड़न और बिना किसी कानूनी आधार के अवैध हिरासत में रखने का आरोप लगाया है।

अपनी शिकायत में अन्सीबा ने कहा है कि लक्ष्मीप्रिया ने उनके विरुद्ध झूठे और मनगढ़ंत आरोप लगाकर उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया। वहीं, पुलिस अधिकारी रश्मा पर आरोप है कि उन्होंने मामले की जांच के नाम पर उन्हें गलत तरीके से परेशान किया और गैरकानूनी रूप से रोककर उनकी आज़ादी को बाधित किया।

उल्लेखनीय है कि अम्मा संघ के भीतर पिछले कुछ समय से कई राजनीतिक और प्रबंधकीय विवाद चलते आ रहे हैं। अन्सीबा, जो कभी इस संगठन के महत्वपूर्ण पद पर थीं, ने भी इस दौरान कई बार अधिकारियों पर आपत्तिजनक हरकतों और समूह में अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए थे। अब की बार उनके आरोपों का स्वरूप और गंभीर हो गया है, जिसे लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद ने नया रूप ले लिया है।

वहीं, लक्ष्मीप्रिया ने इन सभी आरोपों का सख्ती से खंडन किया है और कहा है कि वे खुद भी इससे चिंतित हैं और न्यायालय में अपनी गवाही के लिए तैयार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी शिकायतें पूरी तरह तथ्यात्मक और सच्चाई पर आधारित थी।

वहीं, पुलिस विभाग की तरफ से भी अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन मामले की जांच की संभावना जताई जा रही है। थ्रिपुनिथुरा महिला पुलिस थाने के अधिकारी इस समय जांच-पड़ताल में लगे हुए हैं और जल्द ही कोई निष्पक्ष निर्णय की उम्मीद की जा रही है।

विश्लेषकों का कहना है कि अम्मा जैसे प्रमुख संगठन में इस तरह के विवाद लंबे समय तक संस्थान की स्थिरता के लिए चुनौती बने रहेंगे और इससे फिल्म उद्योग के सहयोगी माहौल पर भी प्रभाव पड़ सकता है।

अफवाहों और विवाद के बीच, इस मामले की अदालत में सुनवाई के दिन का इंतजार किया जा रहा है। वर्तमान में, सभी संबंधित पक्ष अपनी-अपनी दलीलें न्यायालय के सामने प्रस्तुत कर रहे हैं, जिससे यह मामला अब और गहराता जा रहा है।

फैसला कितना भी हो, यह स्पष्ट है कि अम्मा संघ के भीतर उठ रहे ये मुद्दे स्वयं संगठन की छवि और सदस्यों के बीच विश्वास पर बड़ा प्रभाव डालेंगे। इसके साथ ही यह मामला समाज में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

अधिकारियों और सदस्यों से लेकर आम जनता तक, सभी की निगाहें इस मामले पर टिक गई हैं कि कैसे यह विवाद सुलझेगा और न्याय के क्रम में सभी पक्षों को न्याय मिलता है या नहीं।

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