क्या मानविकी स्नातक अच्छे प्रबंधक बन सकते हैं? CAT में बदलाव पर बहस

3 जनवरी को शाम 5:00 बजे द हिंदू ने ‘Rejigging CAT: Can’t humanities grads make good managers?’ नामक वेबिनार का आयोजन किया। इस वेबिनार में विभिन्न क्षेत्र के विशेषज्ञों ने इस विषय पर गहन विचार-विमर्श किया कि क्या मानविकी स्नातक भी सफल प्रबंधक बन सकते हैं और CAT परीक्षा में हुए बदलाव इस मुद्दे को कैसे प्रभावित करते हैं।
वेबिनार के मुख्य पैनलिस्टों में शामिल थे अजय ज़ेनर, ग्रेडस्क्वायर इंडिया के संस्थापक; दीपा सेठी, कार्यकारी अध्यक्ष, GLOBE (Global Linkages, Outreach, Branding, and Evaluation) एवं IIM कोझिकोड की प्रोफेशनल; आयुष कुमार, मैनेजिंग डायरेक्टर, न्यू दिल्ली इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (NDIM); और साइकृष्णा बी, IIM बेंगलुरु की छात्रा। इस चर्चा का संचालन द हिंदू के शिक्षा विभाग के प्रमुख, एम. कल्याणरामन ने किया।
वेबिनार में पैनलिस्टों ने CAT में बदलाव के संभावित प्रभावों पर अपनी राय व्यक्त की। अजय ज़ेनर ने कहा कि मानविकी के छात्रों के पास विश्लेषणात्मक सोच, संवाद कौशल और दक्षता होती है, जो प्रबंधन के क्षेत्र में उपयोगी साबित हो सकती है। उन्होंने यह भी माना कि CAT परीक्षा में बदलाव विभिन्न शैक्षिक पृष्ठभूमियों के छात्रों के लिए अवसर बढ़ा सकता है।
दीपा सेठी ने बताया कि IIM कोझिकोड में विभिन्न डिसिप्लिन के छात्रों को प्रबंधन शिक्षा दी जाती है और वे सफल प्रबंधक बनते हैं। उनका तर्क था कि मानविकी छात्र प्रबंधन में दृष्टिकोण की विविधता लाते हैं, जो संस्थानों के लिए लाभकारी होता है।
आयुष कुमार ने कहा कि शिक्षण संस्थानों को चाहिए कि वे योग्य उम्मीदवारों को उनके शैक्षिक क्षेत्र के आधार पर नहीं, बल्कि प्रतिभा और क्षमता के आधार पर मूल्यांकन करें। उन्होंने CAT के पुनर्गठन को इस दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया।
छात्र साइकृष्णा बी ने अनुभव साझा किया कि IIM बेंगलुरु में मानविकी पृष्ठभूमि वाले छात्र भी बहुमुखी प्रबंधन कौशल विकसित कर रहे हैं और विभिन्न प्रबंधन क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।
विशेषज्ञों ने सहमति जताई कि प्रबंधन शिक्षा के लिए केवल तकनीकी या व्यावसायिक पृष्ठभूमि आवश्यक नहीं है, बल्कि मानविकी जैसे क्षेत्रों के विद्यार्थी भी नेतृत्व और प्रबंधक की भूमिका संभाल सकते हैं। CAT में इस प्रकार के बदलाव से छात्र विविधता बढ़ेगी और प्रबंधन क्षेत्र में नए विचार सामने आएंगे।
इस वेबिनार ने शिक्षा जगत और उद्योग जगत के बीच एक संवाद स्थापित किया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि मानविकी स्नातक प्रबंधन की दुनिया में सफल हो सकते हैं बशर्ते उन्हें सही अवसर और मार्गदर्शन मिले।



