FBI की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में भारतीय गैंगस्टर नीतीश कौशल, हत्या और ड्रग तस्करी समेत कई गंभीर आरोप

वॉशिंगटन डीसी, अमेरिका
अमेरिकी जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने भारतीय नागरिक और कथित गैंगस्टर नीतीश कौशल को अपनी ‘मोस्ट वॉन्टेड’ सूची में शामिल कर लिया है। एफबीआई के अनुसार, कौशल पर हत्या, अपहरण, ड्रग तस्करी और संगठित अपराध से जुड़े कई गंभीर आरोप हैं। एजेंसी का कहना है कि वह लंबे समय से उसकी तलाश कर रही है और अब उसके खिलाफ जांच और तेज कर दी गई है।
एफबीआई ने मंगलवार को जारी जानकारी में बताया कि नीतीश कौशल का संबंध कथित तौर पर भगवानपुरिया ऑर्गनाइज्ड क्राइम ग्रुप से है। जांच एजेंसी के मुताबिक, यह अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क हत्या, अपहरण, मादक पदार्थों की तस्करी, जबरन वसूली, हथियारों की तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी जैसे संगीन अपराधों में शामिल रहा है। एजेंसी का आरोप है कि कौशल ने इस गिरोह के लिए कई हिंसक वारदातों को अंजाम दिया और संगठन की आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई।
एफबीआई के अनुसार, नीतीश कौशल पर अमेरिका में अपहरण और मारपीट की घटनाओं में शामिल होने के भी आरोप हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि उसके खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसे मोस्ट वॉन्टेड सूची में शामिल किया गया है ताकि उसकी जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा सके। एजेंसी ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी के पास कौशल के ठिकाने या गतिविधियों से जुड़ी विश्वसनीय जानकारी हो तो वह तुरंत एफबीआई को सूचित करे।
अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि भगवानपुरिया संगठित अपराध समूह की गतिविधियां केवल एक देश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इसका नेटवर्क कई देशों में फैला हुआ है। इसी कारण इस मामले की जांच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी की जा रही है। एफबीआई अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी विदेशी नागरिक का एफबीआई की मोस्ट वॉन्टेड सूची में शामिल होना यह दर्शाता है कि जांच एजेंसी उस व्यक्ति को गंभीर खतरे के रूप में देख रही है। हालांकि किसी भी आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम फैसला अदालत में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होता है।
फिलहाल एफबीआई ने नीतीश कौशल की गिरफ्तारी के लिए अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। यदि उसे गिरफ्तार किया जाता है तो उस पर लगे आरोपों की सुनवाई अमेरिकी न्यायालय में होगी। इस घटनाक्रम पर भारत और अमेरिका की कानून प्रवर्तन एजेंसियों की भी नजर बनी हुई है।




