GLP-1 दवाएं विभिन्न प्रकार के कैंसर पर लाभकारी प्रभाव डाल सकती हैं

नई दिल्ली, 27 अप्रैल 2024: हाल ही में एक व्यापक अध्ययन में यह पाया गया है कि GLP-1 (ग्लूकागन-लाइक पेप्टाइड-1) दवाओं का उपयोग करने वाली महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर विकसित होने का जोखिम काफी कम होता है। अध्ययन में 1,10,000 महिलाओं को शामिल किया गया, जिनमें से जिन्होंने GLP-1 मेडिकेशन लिया था, उनमें ब्रेस्ट कैंसर होने की संभावना उन महिलाओं की तुलना में 35% तक कम थी, जिन्होंने यह दवाएं नहीं ली थीं।
GLP-1 दवाएं मूल रूप से डायबिटीज के इलाज के लिए उपयोग की जाती हैं, लेकिन हाल के वर्षों में इनके संभावित कैंसर विरोधी प्रभावों को लेकर वैज्ञानिकों में रुचि बढ़ी है। इस अध्ययन के प्रमुख शोधकर्ता डॉ. सीमा पाटिल ने बताया कि यह निष्कर्ष बेहद उत्साहजनक है क्योंकि यह नई चिकित्सा संभावनाओं के दरवाजे खोलता है।
अध्ययन में यह भी देखा गया कि GLP-1 दवाएं केवल ब्रेस्ट कैंसर ही नहीं, बल्कि अन्य प्रकार के कुछ कैंसर में भी संभावित सहायक भूमिका निभा सकती हैं। हालांकि, इस विषय पर और शोध की आवश्यकता है ताकि दवाओं के व्यापक प्रभाव और सुरक्षित उपयोग को समझा जा सके।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस अध्ययन को एक महत्वपूर्ण कदम माना है। प्रोफेसर रवि शर्मा ने कहा, “यह शोध कैंसर रोकथाम के क्षेत्र में एक नई दिशा प्रदान करता है। हालांकि अभी तक यह परिणाम पूरी तरह प्रमाणित नहीं हुए हैं, फिर भी इससे नई दवा शोध और क्लिनिकल ट्रायल को बल मिलेगा।”
महिलाओं के लिए यह खबर खास तौर पर उपयोगी हो सकती है, क्योंकि ब्रेस्ट कैंसर दुनिया भर में महिलाओं में सबसे आम कैंसर प्रकारों में से एक है। शुरुआती रोकथाम और दवाओं के सही चयन से इस रोग पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
वर्तमान में GLP-1 दवाओं का उपयोग डायबिटीज के मरीजों में ब्लड शुगर नियंत्रण के लिए ही प्रमाणित है, परंतु यदि भविष्य के शोध इन्हें कैंसर के रोकथाम या इलाज में भी प्रभावी साबित करते हैं, तो यह चिकित्सा जगत में एक बड़ा बदलाव लेकर आएगा।
डॉ. पाटिल ने अंतिम टिप्पणी में कहा, “हमारा लक्ष्य है कि GLP-1 दवाओं के संभावित कैंसर विरोधी प्रभावों को वैज्ञानिक रूप से पूरी तरह समझें और भविष्य में अधिक महिलाओं तक सुरक्षित और प्रभावी उपचार पहुंचाएं।”




